चौकी के सामने बेहोश हुई कैंसर पीड़िता की पुलिस ने की मदद, दिलाई दवा और राशन

डीबीजी रोड स्थित सिद्धीपुरा पुलिस चौकी के सामने एक महिला बेहोश होकर गिर गई। पुलिसकर्मियों ने उसे संभाला और पानी पिलवाया। पूछताछ की तो महिला ने अपनी आपबीती बताई। महिला ने बताया कि उसे ब्लड कैंसर है। उसका पति मजदूरी करता है। काम न होने के कारण घर में राशन भी नहीं है। 


महिला ने यह भी बताया कि वह पैसे न होने के कारण अपनी कैंसर की दवा भी नहीं खा पा रही है। यह पता चलते ही चौकी इंचार्ज फौरन हरकत में आए। उन्होंने सबसे पहले महिला को कैंसर की दवा दिलवाई। इसके बाद महिला को एक माह का राशन दिलवाकर उसे घर छुड़वाया।  
जानकारी के अनुसार महिला का नाम पूनम (30) वह पति व बच्चों के साथ डीबीजी रोड के मानकपुरा इलाके में रहती है। दो साल से पूनम को ब्लड कैंसर है, जिसका इलाज सरकारी अस्पताल में चल रहा है। बीमारी से पहले पूनम अपने पति के साथ मजदूरी करती थी, लेकिन बाद में उसे काम करने से मना कर दिया गया। रविवार को जब वह चौकी के सामने पहुंची तो गश खाकर गिर गई। पुलिस से मदद मिलने के बाद पूनम और उसका परिवार बार-बार धन्यवाद कर रहे हैं।
पीसीआर कर्मियों ने 11 गर्भवती महिलाओं को पहुंचाया अस्पताल
लॉकडाउन के दौरान मुसीबत में फंसे लोगों के लिए दिल्ली पुलिस की पीसीआर वैन मददगार साबित हो रही है। पब्लिक ट्रांसपोर्ट बंद होने और एंबुलेंस के कोविड-19 ड्यूटी में लगने की वजह से पीसीआर वैन गर्भवती महिलाओं को प्रसव पीड़ा होने पर अस्पताल पहुंचा रही हैं। 


पुलिस ने 24 घंटे के दौरान 11 गर्भवती महिलाओं को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया। समय पर इलाज मिलने की वजह से महिलाओं ने सुरक्षित बच्चों को जन्म भी दिया। इन महिलाओं के परिवार पुलिस की मदद से बेहद खुश हैं। पीसीआर के पुलिस उपायुक्त शरत कुमार सिन्हा ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान पुलिसकर्मी करीब 873 गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचा चुके हैं।